देहरादून, 4 जून 2026। देहरादून जनपद के रायपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कुड़ियाल गांव में देशव्यापी “खेत बचाओ अभियान” के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि और ट्टी की सेहत को सुधारने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह राष्ट्रव्यापी अभियान 1 जून से 30 जून तक पूरे देश में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया।
भविष्य की खेती को सुरक्षित रखना समय की मांग: डॉ. किरण पंत
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. किरण पंत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, अगर हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी जमीनों को उपजाऊ बनाए रखना है, तो आज से ही जागरूक होना होगा। ‘खेत बचाओ अभियान’ का मुख्य उद्देश्य ही भविष्य की खेती को सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक पर जोर: डॉ. बिजेता
डॉ. बिजेता ने किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने समझाया कि संतुलित मात्रा में उर्वरकों (खाद) का उपयोग करने से न सिर्फ खेती की लागत कम होती है, बल्कि पर्यावरण और इंसानी सेहत को भी नुकसान नहीं पहुंचता। इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके माध्यम से किसानों को एक ऐसा मंच दिया जा रहा है, जहां उन्हें समय पर सही सलाह मिल सकेगी। इस पहल के तहत किसानों को निम्नलिखित तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया जा रहा है:
1. मौसम आधारित सलाह: बदलते मौसम और बेमौसम बारिश की मार से फसलों को कैसे बचाया जाए।
2. मिट्टी की जांच (Soil Health): मिट्टी की सेहत के अनुसार ही फसलों और खादों का चयन करना।
3. बाजार की मांग: बाजार में किस समय किस फसल की मांग अधिक है, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य (MSP व उचित दाम) मिल सके।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन सटीक जानकारियों से न केवल फसलों के उत्पादन में भारी वृद्धि होगी, बल्कि गुणवत्ता सुधरने से किसानों की उत्पादकता और आय दोनों का ग्राफ तेजी से ऊपर जाएगा।
किसानों ने लिया नई तकनीक अपनाने का संकल्प
कुड़ियाल गांव और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने वैज्ञानिकों से अपनी समस्याओं के समाधान भी पाए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी किसानों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान की सराहना की और नई एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपने खेतों में लागू करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।



