देहरादून, 04 मई 2026: राजधानी देहरादून के अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में हुए कथित घोटाले ने हजारों परिवारों को आर्थिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया है। अपनी जमा पूंजी वापस नहीं मिलने से आक्रोशित खाताधारकों ने सोमवार को बैंक की मुख्य शाखा से लेकर घण्टाघर तक पैदल मार्च निकाला और शासन-प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला जब पीड़ित खाताधारकों ने घण्टाघर पर खड़े होकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बैंक में उनकी जीवनभर की कमाई फंसी हुई है, जिसके कारण बच्चों की स्कूल फीस, दवाई और राशन तक के पैसे जुटाने में असमर्थ हैं। अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए ‘भिखारी’ बनने की यह स्थिति प्रशासन और बैंक प्रबंधन की विफलता को दर्शाती है।
SIT गठन के बावजूद कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल
खाताधारकों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों और एसएसपी द्वारा विशेष जांच टीम (SIT) गठित किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि:
- बैंक के आरोपी कर्मचारियों और प्रबंधन के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज हो।
- पिछले 13 वर्षों से बैंक का ऑडिट करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) और ऑडिटर्स को भी जांच के दायरे में लेकर कार्रवाई की जाए।
- घोटाले की साजिश में शामिल हर चेहरे को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
आरबीआई की चुप्पी से बढ़ा असंतोष
प्रदर्शन के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के प्रति भी भारी नाराजगी देखी गई। पीड़ितों का कहना है कि आरबीआई को लगातार ईमेल और पत्र भेजने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। धन वापसी की कोई समय-सीमा तय न होने से हजारों बुजुर्ग और मध्यमवर्गीय परिवार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पीड़ितों का कहना है, “हमारा धैर्य जवाब दे रहा है। अगर जल्द ही शासन-प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही और हमारी धनराशि वापसी की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन तेज कर देंगे। हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाता।”
प्रमुख मांगें:
- दोषियों के विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई।
- खाताधारकों की अटकी हुई राशि की वापसी के लिए स्पष्ट समय-सीमा।
- आर्थिक रूप से अति-पिछड़े खाताधारकों को तत्काल राहत पैकेज।



